Wednesday, January 21, 2009

Selected poems of Kaifi Azmi

मै ढूँढता हूँ जिसे वोह जहाँ नही मिलता
नयी ज़मीन नया आसमां नही मिलता
नयी ज़मीन नया आसमां भी मिलजाये
नये बशर का कहीं कुछ निशाँ नही मिलता...
*
मै ये सोंच कर उसके दर से उठा था
की वह रोक लेगी, मन लेगी मुझको
...
मगर उसने रोका न मुझको मनाया
दामन he पकड़ा न मुझको बीठाया
न आवाज़ he दी, न वापस बुलाया
मै आहिस्ता आहिस्ता बरता he चला अया
यहाँ तक के उससे जुदा हो गया मै
*
बस एक झिज्ज्हक है येही हाले दिल सुनाने मे,
की तेरा ज़िक्र भी आयेगा इस फसाने माय
*
सुना करो मेरी jaan इनसे उनसे अफसाने
सब अजनबी है यहाँ कौन किसको पहचाने
...
बहार आये तौ मेरा सलाम कहना,
mujhay तौ आज talab कर लिया है sehra ने
*
Kaifi Azmi's poetry translated by Pavan Varma in English. But just to retain the flavour, I have attempted to produce them in Hindi. If you get hold of Kaifi's audio album, kaifiyat, you will just enjoy it.

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